फिर पकड़ाया एटीएम से ३० लाख उड़ाने वाला
फिर पकड़ाया एटीएम से
३० लाख उड़ाने वाला
नगर प्रतिनिधि
इंदौर, २४ जून
इंदौर के आपराधिक इतिहास में मई माह की ७ और ८ की दरमियानी रात महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय कही जाने वाली रात थी। इस रात एक चोर आरएनटी मार्ग स्थित एसबीआई बैंक में घुसा और बैंक का एटीएम तोड़कर २९ लाख ८८ हजार रुपए लेकर चंपत हो गया था। काफी मशक्कत के बाद चोर को क्राइम ब्रांच ने बिहार से गिरफ्तार कर उससे २९ लाख २० हजार रुपए बरामद तो कर लिए थे, लेकिन बीच रास्ते में ही चोर क्राइम ब्रांच को चकमा देकर फरार हो गया। इस मामले में एसएसपी पवन श्रीवास्तव ने चोर को पकड़ने का जिम्मा फिर क्राइम ब्रांच को दिया था।
टूटे पैर का इलाज करवा रहा था
घटना के मुताबिक ७-८ मई की दरमियानी रात बिहार के जिला छपरा ग्राम अराबा कोठी निवासी इंद्रजीत उर्फ जीत पिता अंगद शर्मा उम्र १८ वर्ष हाल मुकाम जय विहार नजफगढ़ दिल्ली द्वारा आरएनटी मार्ग स्थिति विश्वविद्यालय परिसर में लगी एसबीआई बैंक की ग्रिल उखाड़कर अंदर घुसा और औजारों से एटीएम मशीन काटकर २९ लाख ८८ हजार रुपए उड़ा लिए। आरोपी घटना के बाद मालवा एक्सप्रेस से भोपाल-इटारसी होता हुआ छपरा बिहार स्थित अपने घर पहुंचा जहां उसने सारा माल एक संदूक में ताला डालकर छुपा दिया। इन्हीं रुपयों में से कुछ रुपए आरोपी ने २३ मई को अपनी बहन की शादी में खर्च किए। इधर इंदौर में सिर धुनती पुलिस गुत्थी सुलझाने के करीब पहुंच गई थी और उसके सामने आरोपी का चेहरा आ चुका था। क्राइम ब्रांच की एक टीम ने आरोपी को उसके गांव से २८ मई को गिरफ्तार किया था, जो कि इंदौर लाते समय रांची की एक होटल से २९ मई को शौच के बहाने फरार हो गया था। इस दौरान आरोपी का पैर भी टूटा था। इधर २९ लाख २० हजार रुपए बरामदगी लेकर क्राइम ब्रांच के अनिलसिंह चौहान और मनीष भदौरिया की टीम इंदौर पहुंच गई, जिन्हें दोबारा एसएसपी पवन श्रीवास्तव ने कार्रवाई की चेतावनी देकर आरोपी इंद्रजीत शर्मा को पकड़ने भेजा। क्राइम ब्रांच की टीम ने दोबारा मेहनत की और इंद्रजीत के पिता अंगद शर्मा पर नजर रखने के अलावा नफजगढ़ में भी संभावित ठिकाने पर भी कड़ी निगरानी रखी गई। इस दौरान टीम ने अंगद शर्मा का पीछा किया तो पाया कि अंगद अपने पुत्र इंद्रजीत के टूटे पैर का एक अस्पताल में गुप्त रूप से इलाज करवा रहा था, जहां पहुंचकर आराम कर रहे इंद्रजीत को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को इंदौर लाया जा चुका है, जिससे पूछताछ की जा रही है।