श्री जीतेंद्र सोनी
री जीतेंद्र सोनी
इंदौर से दस्तावेजी सबूतों के साथ गुनाहगारों के नकाब नोचती अपनी जांबाज कलम से पत्रकारिता की नई इबारत लिख देने वाली शख्सियत का नाम है-जीतेंद्र सोनी...गुजरात के मूल वतनी और इंदौर में ही जन्मे-पले-बढ़े श्री सोनी को लोग प्यार और सम्मान के साथ जीतू भाई के रूप में संबोधित करते हैं। १९९३ में जब जीतू भाई ने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा, तो उन्होंने इसके लिए नई संभावनाएं टटोली, जो हर सच्चे पत्रकार के लिए गौरव की बात हो सकती है। उनकी कलम की स्याही से लिखी गई इबारत ने धर्म, जाति, वर्ग, पार्टी-पॉलिटिक्स में कोई भेद नहीं किया। यह बात जरूर रही कि उनकी आग उगलती कलम से जब सफेदपोश बेनकाब होने लगे, अंडरवर्ल्ड, आतंकवाद, नकली नोटों और खून के सौदागरों के चेहरे नुचने लगे, तो एक ओर जहां उन्हें कई तरह के खतरों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा, वहीं आम आवाम के दिलों पर वे हमारे-अपने जीतू भाई के रूप में अंकित हो गए। १२ अप्रैल १९९४ से प्रकाशित संझा लोकस्वामी के स्वामी, प्रकाशक, मुद्रक व प्रधान संपादक के रूप में समाज और पत्रकारिता जगत के लिए उनकी सेवाएं निरंतर हैं। श्री सोनी को देश की पहली इलेक्ट्रॉनिक मोबाईल न्यूज सर्विस ‘थर्ड आई’ को प्रसारित करने तथा पोस्टकार्ड पर प्रकाशित देश के पहले समाचार पत्र पोस्टकार्ड वर्ल्ड को प्रकाशित करने का भी गौरव प्राप्त है। जीतू भाई को विजय रत्न पुरस्कार तथा शौर्य पुरस्कार के अलावा कई प्रेस संगठनों द्वारा पत्रकारिता जगत में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है। श्री सोनी शीघ्र ही गुजरात के राजकोट से सौराष्ट्र का पहला टेबुलाइड साइज गुजराती भाषा में समाचार-पत्र लोकस्वामी का प्रकाशन करने जा रहे हैं।
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