यमुना में उफान, 30 गांवों में अलर्ट
फरीदाबाद/बल्लभगढ़. ताजेवाला डैम से यमुना में करीब 2 लाख 9 हजार क्यूसेक पानी और छोड़े जाने से जिला प्रशासन ने यमुना किनारे बसे करीब 30 गांवों में अलर्ट घोषित कर दिया है। यमुना में पानी छोड़े जाने से जलस्तर जहां दिल्ली में खतरे के निशान पर पहुंच गया है, वहीं फरीदाबाद में यमुना किनारे बसे गांवों के किसानों के दिल की धड़कनें भी तेज हो गई हैं।
यमुना में प्रशासन ने नाव चलाने पर भी पाबंदी लगा दी है। इससे विशेष तौर पर यमुना नदी के बिल्कुल पास स्थित खादर क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पानी को मापने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी सुबह से ही यमुना के नजदीक गांवों में लगे हुए हैं।
यहां से गुजरने वाले लोगों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। इसके लिए बकायादा पुलिस का सहयोग भी लिया जा रहा है। फरीदाबाद के एसडीएम प्रदीप गोदारा इसके लिए अपने पटवारियों से निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं। सिंचाई विभाग के अनुसार शनिवार की देर शाम तक आने वाला पानी करीब 80 से 90 क्यूसेक था। बांध से करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसको फरीदाबाद तक पहुंचने में 48 से 50 घंटे का समय लगा।
ग्रामीणों की बढ़ीं धड़कनें
यमुना किनारे फरीदाबाद व बल्लभगढ़ तहसील के कुल मिलाकर 30 से भी अधिक गांव मौजूद हैं। इनमें तिलपत, ददसिया, बसंतपुर, लालपुर, तिलोरी, अलीपुर, मौजमाबाद, भंसकौला, डूंगरपुर, किडावली, महावतपुर, कांवरा, राजपुरकलां, फुलेरा व अमीपुर गांव फरीदाबाद तहसील क्षेत्र में शामिल है जोकि यमुना किनारे बसे हैं। मोहना, छांयसा, मोठूका, मंझावली, फज्जूपुरा, बेला, इमामुदीनपुर, घुडासन, साहूपुरा खादर, शाहजहांपुर, अरुआ, दलेलगढ़, नंगला व चांदपुर गांव बल्लभगढ़ तहसील के अंर्तगत आते हैं। इन गांवांे में से केवल 6 गांवों में यमुना के पानी को गांवों मंे आने से रोकने के लिए रिंग बांध बने हैं।
प्रशासन के इंतजाम
यमुना का जलस्तर जिस रफ्तार से लगातार बढ़ रहा है, उसे देखते हुए प्रशासन का दावा है कि वे ऐसी स्थिति से निपटने लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रशासन के पास इस समय 6 नाव मौजूद हैं और दो ओबीएम इंजन व एक ट्रेलर है। नावों को चलाने के लिए 12 चप्पू व 12 कुंदे तथा 34 लाइफ जैकेट प्रशासन के पास मौजूद हैं इसके अलावा 12 डी वाटर इंजन भी प्रशासन के पास मौजूद हैं। ओबीएम इंजन चलाने व गोताखोरी के लिए
63 कर्मचारी भी प्रशासन के अमले में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मौजूद हैं।
वहीं, यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण एसडीएम कार्यालय में एक कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। यमुना किनारे बसे सभी गांवों के पटवारियों व ग्राम पंचायतों के सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी गंभीर स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित किया जाए। बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने करीब दो हजार रेत से भरे कट्टों की व्यवस्था भी की है।
क्या कहते हैं अधिकारी
एसडीएम इंद्रपाल बिश्नोई का कहना है ताजेवाला डैम से छोड़े गए पानी में से फरीदाबाद में अभी करीब 90 हजार क्यूसेक पानी पहुंचा है। इस पानी से यमुना में उफान आने की आशंका है। इसी के चलते यमुना के साथ लगते गांवों में मुनादी करा कर लोगों को सचेत कर दिया गया है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन संदीप तनेजा का कहना है कि जब पानी छोड़ा गया था उस समय यमुना में करीब 17 से 18 क्यूसेक पानी था लेकिन जब शहर में शनिवार को करीब आधा दर्जन गांवों में यह पानी मापा गया तो इसमें 80 से 90 क्यूसेक पानी पाया गया है, जो फिलहाल खतरा के निशान से काफी नीचे है।

